एक मुकालात खास बात

शिमला की एंकर रश्मि ठाकुर ने एंकरिंग में मनवाया अपना लोहा

विनोद चड्ढा बिलासपुर

बंश को बचाने के लिए बेटियों को बचाना होगा


संघर्षों के बाद एंकरिंग की दुनिया में कमाया नाम

शिमला की रश्मि ठाकुर से एक मुलाकात खास बात में FNI News चैनेल के हिमाचल बिर्रो चीफ विनोद चड्ढा की खास बातचित में उन्होंने अपने जीबन के कुछ पहलू साँझा किये। रश्मि ठाकुर ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही स्कूल टाइम से स्टेज पर अपनी अबाज की एंकरिंग का जलबा बिखेरना सुरु कर दिया था ।स्कूल में ऐसा कोई प्रोग्राम नही होता था जिसमे उन्हें स्टेज का काम ना मिला हो उसके बाद रश्मि ठाकुर ने पिछ्ये मुड़ कर नही देखा ।


और आज हिमाचल पंजाब ,हरियाणा और राज्यस्थान में ऐसी कोई जगहा नही बची है जहाँ रश्मि ठाकुर ने जिला ,राज्यस्तरीय,और अंतरास्ट्रीय के मेलो और लाइव प्रोग्राम में अपनी एंकरिंग का लोहा ना मनवाया हो ।आज हिमाचल के साथ साथ उन्हें बाहर के राज्यो में भी एंकरिंग के लिए जाना जाता है।


रश्मि ठाकुर को एंकरिंग की दुनिया का बेताज बादशाह माना जाता है। उन्होंने बताया कि वो मूल रूप से जिला शिमला के सुन्नी के गांव भरगण की निवासी हैं। बचपन से ही मुश्किलों का सामना करने वाली रश्मि ठाकुर ने बड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। इनके पिता सेना में कार्यरत थे इसी कारण उनकी शिक्षा भी देश के विभिन्न जगहों पर हुई। जब रश्मि करीब दसवीं में पढ़ रही थीं तो उनके माता-पिता का देहांत हो गया। ऐसे में पढ़ाई के साथ-साथ इन को नौकरी भी करनी पड़ी।



जिंदगी में अलग जज्बा रखने वाली रश्मि ठाकुर ने ग्रेजुएशन की और बचपन से ही एनसीसी से भी जुड़ी रहीं। एनसीसी में इन्होंने खेलों के साथ-साथ एंकरिंग की और भी अपना झुकाव एंकरिंग की तरफ रखा। हालांकि उस समय उनको यह पता नहीं था कि भविष्य में यह उनका व्यवसाय बन जाएगा। जिंदगी के विभिन्न उतार चढ़ावों के बीच 2011 में इन्होंने एंकरिंग के क्षेत्र में हाथ आजमाना शुरू किया।
रश्मि ने बताया कि शिमला में समर फेस्टिवल के माध्यम से इन्होंने प्रोफेशनल एंकरिंग के कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश के कई जगहों पर सफल कार्यक्रम दिए। देश के बाहर भी इन्होंने कई सफल कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें प्रमुख तौर पर पंजाब, चंडीगढ़ जयपुर में भी शो किए ।

रस्मी ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के आर्टिस्टों के साथ पिछले कई सालों से सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहे है ।उन्होंने कहा कि जो भी आर्टिस्ट अपनी महेनत और अपने बलबूते पर आगे बढ़ने की कोशिश करता है हमेशा दवाने की कोशिश की जाती है और जो पहले अपनी महेनत और अपने कोशिश से आर्टिस्ट हिमाचल के हर कोने में आसानी से पहुंच कर अपना  जलबा लोगो को दिखाता था मगर अब टैलंट आर्टिस्टों के पास इतनी पहुंच नही होती की बो आसानी से किसी भी प्रोग्राम में अपना टैलेंट लोगो को दिखा सके।उन्होंने कहा कि अब तो राजनीती के आगे टैलेंट भी कोई मायने नही रखता उसका टैलेंट भी तब जीरो हो जाता है जब कोई ब्यक्ति राजनीती की पहुंच के कारण हर प्रोग्राम में पहुंच कर कार्यक्रमो को अंजाम दे रहे अब कई जगह तो प्रसासनिक अधिकारी भी  राजनीती बिडंमनाओ के शिकार हो चुके है । अब ऐसे आर्टिस्ट राजनीती की पहुंच से आगे बढ़ रहे है जिनको फिल्ड का सही प्रयोग तक करना नही आता है। मगर फिर भी बो राजनीती के पहुंच के कारण बो उस कार्य को अंजाम दे देते है रस्मी ठाकुर  ने बताया की दुःख की बात तो यह है कि पिछ्ये 2 सालो से हिमाचल के आर्टिस्ट के साथ सरकार  कुछ ज्यादा ही अंन्देखि कर रही है जो अर्टिस्ट पिछ्ये 10 सालो से हिमाचल और बहार के देशों में अपना लोहा मनवा चुके है आज सरकार उनका अपमान कर रही है और जिला ,और राज्यस्तरीय प्रोग्रामो में अपने चहतो को फायदा पहुंचा रहे है चहाये उन्हें उस क्षेत्र का अनुभब हो या न बस अपना फायदा लेने के लिए हिमाचल के कलाकारों का अपमान कर रहे है जो एक बहुत दुःख की बात है ।

एंकरिंग में अपना लोहा मनवाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से कोई भी सम्मान नही मिला

लकिन कई संस्थाओं और मालिटियफोर्स  के माध्यम से जिला और नैश्नल  पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है ।जो पूरे हिमाचल और शिमला के लिए गर्व की बात है
उन्होंने बताया कि कुछ कारपोरेट के साथ भी इन्होंने कार्यक्रम दिए । उन्होंने अपने फ्लोर और दर्शकों का विशेष धन्यवाद किया।

रश्मि ठाकुर ने युबा पीढ़ी से आव्हान किया है कि बो नशे से दूर रहे और अपने जीबन को इस मोत के समंदर से दूर रखें।और अपने करियर को सही दिया की तरफ ले जाये ताकि उनका जीबन भी सुनहरा बन सके।
रश्मि ठाकुर ने लोगो से अपील की है कि बो बेटा और बेटी को एक सम्मान समझे क्युकी आज की बेटी बेटो से हर क्षेत्र में आगे है। इस लिए बिटियो का सदा सम्मान करो और उनके जीबन को खुशहाल करो ।उन्होंने कहा कि अगर नारी होगी तो आगे बांस चलेगा ।नही तो आज बेटियां कम होने से हमारा बंश खतरे में पहुच चुका है ।उसको बचने के लिए हमें बिटियो की कोख में हत्या बंद करनी होगी तभी एक समृद्ध और खुशहाल समाज का निर्माण होगा

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