एक मुलाकात खास बात

सफलता की कोई परिभाषा नही होती मेहनत, लग्न किसी पुस्तक के लिखे नियम नही होती —- मिसेज इंडिया दीपा मेश्राम


विनोद चड्ढा कुठेड़ा बिलासपुर

महेनत से मिलती है सपलता
महेनत करने बालो की कभी हार नही होती


अदा मिसेज इंडिया दीपा मेश्राम डॉ भीमराव बाबासाहेब आंबेडकर को अपना आदर्श मानती है

एक मुलाकात खास बात में आज हम आपको मिला रहे है अदा मिसेज इंडिया दीपा मेश्राम से उन्होंने FNI न्यूज़ चैनल के हिमाचल बिर्रो चीफ विनोद चड्ढा से बातचीत में अपने जीबन के कुछ पहलू साँझा किये।उन्होंने अपने जीबन से जुड़ी बातो में कहा कि सफलता की कोई परिभाषा नही होती मेहनत, लग्न किसी पुस्तक के लिखे नियम से नही मिलते उसके लिए खुद की जिदगीं से जंग लड़ना पड़ता है।

दुनिया एक ऐसी किताब है जिसमे आप खुद अपनी मजबूरी, अपनी तकलीफ अपने सँघर्ष से लिखतें है। हमारा सबसे खूबसूरत साथी हमारी मेहनत होती है ,हमारा दूसरों के प्रति व्यवहार होता है ,बातो से केवल मनोरंजन होता हैं पर काम करने से जीवन मजबूत होता है । दुनिया बहुत बड़ी है और इसमें बहुत लोगो के अपने अपने दर्द है और अपने फसाने हर इंसान दु:ख की घड़ी से गुजरता ही है पर मायने रखता है तो वो साथ जो उस घड़ी आपका सबसे मजबूती से विश्वास के साथ दे जाए ।

मैं पहले भी कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हूं और मन में बहुत पहले से भरोसा था कि मैं अपने आप को उस लेवल पर साबित कर सकती हूं और इसमें मेरे आलोचकों का बहुत बड़ा हाथ है कहते हैं ना कि अगर सफलता चाहिए तो अच्छे दोस्तों का होना जरूरी है और अगर बहुत ज्यादा सफलता चाहिए तो आलोचकों का होना जरूरी है।


सबसे पहले मैंने 2006 में तूलिका मिसेस भोपाल में भाग लिया था और उस समय मैंने भाग तो लिया था पर मैं उस तैयारी के साथ नहीं गई थी पर हां मेरा बहुत अच्छा अनुभव रहा, मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला वहां से और तब से अब तक का जो सफर रहा अब तक मैं यही सोचती थी कि सुंदरता ही सौंदर्य प्रतियोगिता के मायने हैं पर मैंने इसको गलत साबित होते देखा क्योंकि बहुत सुंदर होकर भी आप सौंदर्य प्रतियोगिता में सफल नहीं हो सकते जब तक आपके पास सही सोच और तर्कशक्ति ना हो, कह सकते है कि “ब्यूटी विथ ब्रेन”।

इस कंपटीशन में हमें बहुत ही अच्छी तरह से ग्रूम किया जिसमें इंडस्ट्री के बेस्ट मैन्टोर ने गाइड कीया, जिसमें हमें पूरी प्रतियोगिता की बारीकियों को सीखने का मौका मिला, कई सत्रों से होकर हमें गुजरना पड़ा जैसे मेकअप स्किल, स्टाइलिस्ग स्कील, फोटोग्राफी, फिटनेस सेशन, ग्रुप डिस्कशन, लीडरशिप ऐसे बहुत से चरणों से होकर हमें मार्गदर्शन दिया गया जोकि इंटरनेशनल ग्रूमर्स द्वारा हमें ग्रूम किया गया टैलेंट राउंड,कैजुअल राउंड, एथनिक राउंड, इंट्रोडक्शन राउंड, ट्रेडिशनल राउंड इन सभी में मजबूत किया गया और अपनी छिपी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला।

हमने इस प्रतियोगिता में अपने जीवन के मकसद को समझा और समाज के लिए कुछ करने की इच्छा को जागृत किया हमारे जीवन को एक दिशा मिली हमें बताया गया कि हम वह है जो समाज में एक बदलाव ला सकते हैं हमें सभी कार्यों में एक साथ किस तरह तालमेल बैठाना है सिखाया गया और किस तरह से मेहनत और लगन से अपनी प्रतिभा को प्रस्तुत करना है यह भी सिखाया गया बहुत से टास्क से होकर गुजरना पड़ा प्रतियोगिता इतनी सरल नहीं थी बहुत टफ कंपटीशन था हर प्रतिभागी एक से बढ़कर एक था सभी में भरपूर काबिलियत थी दस अलग-अलग राज्यों से प्रतियोगियों ने भाग लिया जिसमें कुछ डॉक्टर, डेंटिस्ट, सिंगर ,कॉपोर्रेट वर्ल्ड एक्टर्स, डिजाइनर, डांसर हर कोई अपनी प्रतिभा में सभी अपने अपने प्रोफेशन में बेस्ट महिलाओं ने हिस्सा लिया था हमें क्वीन की तरह सोच रखने के लिए उसमें तैयार किया गया और हर मुद्दे को निष्पक्ष एवं पॉजिटिव तरीके से रखने के लिए प्रेरित किया गया

सौंदर्य की प्रतियोगिता नहीं है यह प्रतियोगिता सौंदर्य के साथ-साथ बुद्धि का मेल किस तरह प्रस्तुत किया जाए ऐसे प्रतिभाओं को सामने लाने की प्रतियोगिता है जैसे कि मुझ पर मेरे परिवार के साथ ही दो अनाथ बच्चों की भी जिम्मेदारी पहले से ही थी तो इन सभी भूमिकाओं को एक साथ अदा करते हुए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था मैं अगर किसी की मदद कर सकूं तो मैं अपना सौभाग्य समझती हूं जिसमें मुझे आत्मिक संतुष्टि मिलती है।
अब मेरे हर शब्द का मूल्य बढ़ गया है और लोग मुझे ध्यान से सुनते हैं और समझने की कोशिश करते हैं मैं अपनी सफलता मेरे समाज की मेरे राज्य की और मेरे देश की सफलता समझती हूं मैं इसी समाज का आईना हूं और उसका प्रतिनिधित्व कर रही ।

उतार-चढ़ाव में एक मोड यह भी था जब मेरा एक्सीडेंट हुआ था 3 साल पहले उसमें मेरे चेहरे पर 10 टॉके आए थे और पैर में फ्रैक्चर हुआ था उस परिस्थिति से ऊबरने मे मुझे बहुत समय लगा जब मै मिसेस इंडिया की तैयारी कर रही थी तब मुझे इन सब चीजों को लेकर बहुत से दिक्कतों का सामना करना पड़ा । हाई हिल्स पर वॉक करना मेरे लिए बहुत बड़ा टास्क था उसके अलावा फेलोपियन ट्यूब का एक बहुत बड़ा आॅपरेशन हुआ था जिसमें मेरी जान को खतरा था लेकिन आॅपरेशन सफल रहा और इन सब मुसीबतों के साथ मेरे जीवन के उतार-चढ़ाव को सहन करते हुए मैं आज सभी के प्यार और आशीर्वाद इस मुकाम पर हूं।
मेरी उपलब्धियां कुछ इस प्रकार हैं – मॉम एंड किड टैलेंट हंट में बेस्ट टैलेंटेड का अवार्ड था – उसके बाद 2018 मिसेस स्टील सिटी क्वीन(मिसेस भिलाई) की विनर रही और अदा मैसेज इंडिया क्लासिक 2018-19 की विनर रही। साथ ही 3 टाइटल मिसेस इंडिया आॅल राउंडर , मिसेस इंडिया बेस्ट कैटवॉक, मिसेस इंडिया मोस्ट टैलेंटेड का भी अवार्ड मिल चुका है, अदा मिस एंड मिसेज इंडिया छत्तीसगढ़ 2019़ की ब्रांड एंबेसडर भी हुँ। करिश्मा मैसेज इंडिया 2019़ की डायरेक्टर भी हुँ।
मुझे निम्न पुरस्कार दिये जा चुके हैं – सशक्त महिला सम्मान नेशनल अवार्ड 2019़ दिल्ली, मणिकर्णिका स्टेट लेवल अवॉड 2019़ छत्तीसगढ़, प्रतिभा महाकुंभ विभूति अलंकार, सम्मान 2019़ छत्तीसगढ़, # हरिभूमि नारी शक्ति सम्मान 2019़, महतारी अवॉर्ड 2019़, छत्तीसगढ़ पंजाबी सनातन अवॉर्ड 2019, नारी बौद्ध सम्मान भोपाल मध्य प्रदेश 2019 यह सभी सम्मान भी मिल चुके है।

संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ भीमराव बाबासाहेब अंबेडकर को मैं अपना आदर्श मानती हूं जिन्होंने पूरे देश में सामाजिक सुधार और जातिवाद व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष किया और सभी को समानता का अधिकार दिलाया उनके बारे में जितना कहा जाए कम है।


मेरे जीवन की रोल मॉडल मेरी मां है जिन्होंने मुझे सिखाया कि कैसे मुश्किल परिस्थितियों में भी सही दिशा पर चलना है
मेरी सफलता का सारा श्रेय मेरे ईश्वर रूपी माता स्नेहलता उनसे एवं पिता मधुकर फुसे भाई संजय एवं अमित फुसे जिनके आशीर्वाद और परवरिश और सपोर्ट से मैं आज इस मुकाम पर पहुंची हूं मैं अपने पति योगिनाथ मेश्राम एवं बेटी आरुषि का तहे दिल से शुक्रिया करती हूं जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचने में सहयोग किया मैं इन सभी की बहुत शुक्रगुजार हूं मैं एक योद्धा की तरह संघ को स्वीकार किया और सफल रही मैं अपनी मेहनत और अनु डागर जी की बहुत शुक्रगुजार हूं और पूरी अदा वूमंस फाउंडेशन की टीम की शुक्रगुजार हूं अब वह दिन गए जब लोग कहते थे कि औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन है लेकिन आज मैं कह सकती हूं कि अगर औरत, औरत को सपोर्ट करें तो चमत्कार हो सकते हैं ।

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