एक मुलाकात    खास बातचीत

 

मंदिरों के फूल नही बनेगे नालो का गन्द दोबारा फैलाएगे सुगंध —- जागृति

विनोद चड्ढा कुठेड़ा विलासपुर

मंडी जिला के सरकाघाट क्षेत्र के गोपालपुर की जागृति ने fni न्यूज़ चैनल के हिमाचल के विर्रो चीफ विनोद चड्ढा से खास बातचीत में बताया की उन्होंने मंदिरो में चढाये जाने बाले फूलो से जैविक अगरबत्ती तैयार हो चुकी है जो जून महीने से मार्किट में अपनी सुगंध बिखेर रही है ।उन्होंने बताया की अभी हाल में यह मंडी जिले में अपनी सुगंध बिखेर रही है बहुत जल्दी ही । पूरे हिमाचल में अपनी सुगंध बिखेरने बाली है।

जागृति पत्नी श्री संतोष कुमार गांव टिक्करी डाकघर रखोह तहसील सरकाघाट जिला मंडी की स्थाई निवासी है ।उन्होंने बताया कि वो युवान एक अभियान के साथ सम्पर्क में अक्तूबर महीने मेन आयी और निश्चय किया की समाज सेवा में परिवर्तनात्मक तरीक़े से सहयोग किया जाये।

यह कार्य उन्होंने अक्टूबर माह से शुरू किया है।उन्हें इस कार्य को करने की प्रेरणा रविंद्र पराशर जी से मिली जो कि युवान वेण्डर्स इंडिया कम्पनी के फ़ाउंडर डारेक्टर हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के अंतर्गत युवान एक अभियान शुरू किया है जिसका उद्देश्य हिमाचल के मंदिरों के पवित्र फूलों क़ो व्यर्थ जाने से बचाना है। पवित्र फूल जो लोग बहुत श्रद्धा से भगवान को अर्पित करते हैं, उन्हें व्यर्थ ना गवा के सही उपयोग में लगाया जाए।

जागृति ने बताया कि उन्होंने युवान एक अभियान को हिमाचल के जन तक पहुँचने का बीड़ा उठाया है और बहुत जल्दी यह कार्य पूरे जिले में ही नही बल्कि पूरे हिमाचल में पहुँचाया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वह बहुत से युवाओं को रोजगार दे रही है। जागृति की इस प्रेरणात्मक पहल को सलाम है।

बता दे कि हिमाचल देवी देबताओ का प्रदेश है।जहाँ जगह जगह मंदिर भी स्थापित है।इन मंदिरों में प्रतिदिन टनों के हिसाब से फूल लोग बड़ी श्रद्धा भाब के साथ चढ़ाते है।यही फूल मंदिर प्रबधन के लिए भी आफत बन जाते है।इसके बाद इन फूलों को नाले में बहाने के लिए फेंक दिया जाता है।जिससे गंदगी फैलती है।और पानी के स्तोत्र भी गंदे होते है।


अब इस नई तकनीक से वैज्ञानिको के तकनीकी मार्गदर्शन से मंदिरो में चढ़ने बाले पवित्र फूलो से अब जैविक अगरबत्ती विकसित की जा रही है।मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत इस अड़िया का उद्देश्य पूजा स्थलों पर भगतो द्वारा चढ़ाये गए फूलो के निपटान की समस्य का एक समाधान प्रदान करना है।

जागृति हाल में आंगनबाडी केंद्र में अधयापक है और इस योजना को एक बड़े स्तर पर ले जाने के लिए बो लोगो को इसका परीक्षण भी प्रदान कर रही है।
जागृति ने लोगों से अपील की है कि गंदे पदार्थों से बनी हुई अगरबत्ती और धूप का इस्तेमाल ना करके युवान अगरबत्ती का उपयोग करें और हिमाचल को साफ़ सुथरा व स्वस्थ बनाने में सहयोग दें। युवान अगरबत्ती की खूबियाँ बताते हुए जागृति ने बताया की इस अगरबत्ती को बनाने में किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायन और कोयले का इस्तेमाल नहीं किया गया है जो कि युवान अगरबत्ती को जैविक बनाता है ताकि इसके उपयोग से सेहत व पर्यावरण पर कोई असर पड़े। युवान की इस पहल को हिमाचल ही नहीं भारत के अन्य हिस्सों में भी बहुत सराहा जा रहा है।

हाल ही में धर्मशाला में हुए ग्लोबल इंवेस्टर मीट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित रेलमंत्री और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल, बित और कोरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अनुराग ठाकुर सहित हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने युवान के इसअभियान को बहुत सराहा और इस कार्य को आगे पहुँचाने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान की जा रही है।

जागृति ने बताया कि यदि कोई इस योजना से जुड़ना चाहता है यह जैविक अगरबत्ती का डिस्टिब्यूट लेना चाहता है तो बो उनसे नम्बर 8988113502 वाट्सअप या सम्पर्क कर सकते है।

Related Post

Uniquely empower real-time.

Posted by - April 16, 2016 0
Compellingly syndicate resource sucking markets whereas excellent initiatives. Efficiently negotiate turnkey materials and timely “outside the box” thinking. Uniquely procrastinate…

स्पोर्ट्स पालिसी में दी जाएगी मास्टर्ज़ गेम्स को मान्यता —— गोविन्द सिंह

Posted by - November 11, 2019 0
स्पोर्ट्स पालिसी में दी जाएगी मास्टर्ज़ गेम्स को मान्यता —— गोविन्द सिंह विनोद चड्ढा कुठेड़ा बिलासपुर सरकारी कर्मचारी खिलाड़ियो को…

ऎसी कोई मंजिल नही जिसे पाना मुश्किल हो मगर दिल में होंशल होना चाहिए मंजिल खुद बे खुद आपके कदम चूमती है —— गीतांजलि राठौर

Posted by - August 6, 2019 0
ऎसी कोई मंजिल नही जिसे पाना मुश्किल हो मगर दिल में होंशल होना चाहिए मंजिल खुद बे खुद आपके कदम…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *