60 लाख गबन करने का आरोप

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समितियों के दो कर्मचारियों पर लगाया 60 लाख गबन करने का आरोप

पथरी क्षेत्र
किसान सेवा सहकारी समिति बादशाहपुर सचिव ने आखिर लाखों का घोटाला किया उजागर समिति के दो कर्मचारियों पर लगाया 60 लाख रूपये गबन करने का आरोप तहरीर देने के एक हफ्ता बाद भी फेरूपुर चौकी पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध नहीं किया मुकदमा दर्ज वर्षों से घोटाले में चर्चित रही किसान सेवा सहकारी समिति बादशाहपुर के सचिव चरण सिंह ने अपने ही समिति के दो कर्मचारियों पर 60लाख रू गबन करने का सीधा आरोप लगाते हुए फेरूपुर चौकी पुलिस में तहरीर दी है हालांकि एक हफ्ता पहले आई तहरीर को पुलिस ने अभी तक दर्ज नहीं किया है राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र में करीब 6 माह पहले समिति में कर्मचारियों ने लगाई लाखों की चपत शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर चुका है बताया जा रहा है कि गवन की बात बोर्ड के संज्ञान में आने पर कर्मचारियों को यह धनराशि जमा करने के लिए समय भी दिया गया था दोनों ही कर्मचारी पहले भी गबन के आरोपी रह चुके हैं एक आरोपी तो कुछ दिन पहले ही बहाल हुआ था तो दूसरा कर्मचारी यह पहले दूसरे समिति में भी गबन का आरोपी रहा है क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इन कर्मचारियों के विरुद्ध तमाम शिकायतें उच्चाधिकारियों से की गई है लेकिन उच्च अधिकारियों ने शिकायत को कभी गंभीरता से नहीं लिया है समिति के चेयरमैन रोहताश सिंह ने बताया इस समिति में दोनों कर्मचारियों को गबन में पैसे जमा करने की हिदायत दी गई थी लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद समिति के सचिव ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है इस संबंध में सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है फेरूपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र पंत का कहना है कि तहरीर आई है मामले की जांच की जा रही है आपको बताते चलें ऐसे ही कई जांच ठंडे बस्ते में चली गई है किसान सेवा सहकारी समिति बादशाहपुर में जैसे-जैसे गबन और फर्जीवाड़ा सामने आया वैसे वैसे पीड़ितों द्वारा और जागरूक लोगों द्वारा विभाग के अधिकारियों को शिकायत कर जांच की मांग भी की गई लेकिन एकाएक शिकायत को छोड़कर बाकी सभी शिकायतों की जांच ठंडे बस्ते में चली गई है कुछ दिन पहले बहाल किए गए कर्मचारी को उसके रुके हुए वेतन से संबंधित शिकायत की थी जिसमें आरोपी कर्मचारी को रुका हुआ लाखों रूप का वेतन दिया गया था जो सीधे फेसबुक के माध्यम से दिया गया था जबकि फेसबुक में मात्र ₹500 दिए जाने का प्रावधान है इस मामले की जांच के दौरान आरोपी कर्मचारी का जिला सहकारी बैंक सुल्तानपुर में कुछ दिन वेतन भी रोक का था इस मामले की जांच रवि पांडे सहित तीन सदस्य कमेटी कर रही थी लेकिन यह मामला आज भी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ साफ नजर आ रहा है हालांकि इस समिति के सचिव भी कोई दूध के धुले नहीं है उन पर भी मानक से अधिक केसबुक के माध्यम से लाख रुपये निकाले जाने और समिति की पूंजी को फ्लूट लगाकर हेराफेरी करने के आरोप लगते रहे हैं

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