मरचूला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य पर्यटन सभ्यता

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सल्ट उत्तराखंड: रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मरचूला महोत्सव का आगाज

सल्ट उत्तराखंड: गोविन्द रावत अल्मोड़ा सल्ट :- अल्मोडा जनपद के विकास खंड सल्ट के मरचूला महोत्सव सल्ट क्षेत्र में पहली बार आयोजित हुआ। मरचूला महोत्सव तीन दिवसीय कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम साहसिक पर्यटन, गतिविधिया , योगी सहित विभिन्न स्थानीय व बाहर से आने वाले कलाकार ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के प्रयासों से मरचूला महोत्सव करवाया मरचूला पर्यटन के क्षेत्र में विकसित हो रहा है। जिला प्रशासन ने पर्यटन की दृष्टि से मरचूला को उचित जगह माना। जिला प्रशासन, उत्तराखंड सरकार एक बडा प्रयास है। मरचूला महोत्सव से हमारी संस्कृति ,पहाडी कल्चर को देखते हुए। पलायन रूकेगा मरचूला महोत्सव का मुख्य उद्देश्य पर्यटन सभ्यता , संस्कृति को जोडना है। उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिए मरचूला महोत्सव का आयोजन किया । उत्तराखंड सरकार पर्यटन की दृष्टि से मरचूला को पर्यटन कारीडोर घोषित कर चुकी है। रामगंगा नदी के तट पर काॅर्बेट की सीमा से सटा मरचूला विकसित है। कॉर्बेट मे मरचूला एक अपनी अलग पहचान रखता है। मरचूला महोत्सव से पर्यटन को बढावा मिलेगा। सरकार टूरिज्म को बढावा देने हर प्रयास कर रही है। जिससे पलायन रूकेगा। पर्यटन के आने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। उत्तराखंड में पर्यटन आमदानी का एक प्रमुख स्रोत है। पहाडो मे बुनियादी सुविधाओ से मजबूर होकर लोगों को पलायन करना पड रहा है। गाँवो को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश कर रही है। काॅर्बेट के जंगल से सटे इलाको को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाकर पर्यटन को बढावा देगी। मरचूला क्षेत्र कुदरत के लिहाज से इतना खूबसूरत है कि पर्यटन एक बार आने बात दुबारा आता है। मरचूला पर्यटन को अपनी ओर खीच देता है । मरचूला की एक अपने आप एक अलग क्षीगार है। मरचूला पूरा वन्य जीव क्षेत्र है। ऐड़वेचर से भरपूर है। नाईट सफारी, रिवर राफ्टीग , पर्यटन से जुड़े तमाम कारोबार के लिए मरचूला मंसूर है। मरचूला आने के बाद पर्यटन पहाड के प्रति प्यार उनको खीच लगता है। मरचूला रिसोर्ट बनाकर पर्यटन की आवाजाही बढ गयी। मरचूला मे रिसोर्ट खुलने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल गया। पर्यटन की आवाजाही पलायन पर अंकुश लगेगा ।
काॅर्बेट नेशनल पार्क से सटे मरचूला मे तीन दिवसीय मरचूला महोत्सव का आयोजन किया गया । महोत्सव का उदघाटन जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने किया। महोत्सव में राजकीय इंटर काॅलेज देवायल, कोटाचामी, सल्ट पब्लिक स्कूल के बच्चौ ने रंगारंग कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी। छात्र, छात्राओं ने सरस्वती बंन्दना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। दर्पण समिति के कलाकारो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। महोत्सव का आयोजन कर स्थानीय प्रीतिभाओ गतिविधियों को आगे बढाना के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। अल्मोडा ,रानीखेत और जागेश्वर महोत्सव से मिली सफलता के बाद मरचूला महोत्सव कराये जाने का निर्णय लिया। इस तरह के महोत्सव पर्यटन गतिविधियों को बढावा देने के साथ -साथ पर्यटन को आकर्षित करते हैं। महोत्सव मे बॉलीवुड और उत्तराखंड के कुमाऊँनी , गढवाली कलाकारो की प्रस्तुति, लोक नृत्य, सास्कृतिक कार्यक्रम , मैराथन और वाकथान, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी और एंगलिग प्रतियोगिता, बाइक रैली, साहसिक खेल, घ्यान और योग द्वारा की प्रस्तुति हुयी।
गायक मीना राणा , गजेन्द्र राणा, खुशी जोशी, और गोबिन्द दिगारी, संजय खेतवाल, पवनदीप राजन ने कुमाऊनी और गढवाली लोक कलाकारो ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा
गायक संकल्प खेतवाल ने गढवाली ,हिमाचली और हिन्दी गीतगाकर दशकों की वाहवाही लूटी।
संकल्प खेतवाल के माठू -माठू हिट छोरी तेरी गागर, छल केली गीत पर दर्शक झूम उठे। महोत्सव मे अन्य कलाकारो ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा , मैराथन, मरचूला फाॅरेस्ट रेस , योग, साहसिक गतिविधियों मे हाट एयर बलून ,राॅक क्लाईविग , वाटर रोलर, क्याकिग , मेहन्दी , और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई । दिब्याग घीरज कुमार पैर की मदद से चित्र बनाया। महोत्सव में लगे स्टाल मे विदेशी पर्यटको ने भी जमकर खरीदारी की महोत्सव के कार्यक्रम का आनन्द लिया। लोगों ने हाट एयर बलून का आनन्द लिया। महोत्सव के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन वीणा भी खुद को नही रोक सके। उन्होने ने भी स्टेज पर गाना गाया ।
मरचूला महोत्सव मे जनपद पुलिस से 5 एस आई , 1 एस ओ, 35 , सिपाही , 1 फायर सर्विस , 1 डीयर गेस्ट टीम महोत्सव मे मौजूद थी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा स्वय महोत्सव मे मौजूद थे। जनपद पुलिस ने तीन दिवसीय मरचूला महोत्सव को सफल बनाने मे कोई कसर नही छोडी। क्यो जनपद पुलिस ने सम्पूर्ण यातायात ब्यस्थता को दुरस्त रखा। जिससे कि यातायात सुचारू रही। महोत्सव मे जिला प्रशासन के अलावा जनपद पुलिस की अहम भूमिका रही। तीन दिवसीय मरचूला महोत्सव सकुशल कराने सम्पन्न में जनपद पुलिस का बडा योगदान रहा।
मरचूला महोत्सव का रंगारंग कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। महोत्सव की अंतिम शाम गायक पवनदीप राजन के नाम रही। उन्होने हिन्दी ,गढवाली और कुमाऊँनी गीतों से लोगों को झुमने के लिए मजबूर कर दिया। हारमोनी बैड के कलाकारों ने गीतो से महोत्सव समा दिया।
समापन के अवसर पर मुख्य विकास अघिकाऱी मनुज गोयल ने कहा कि उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्र मे पर्यटको आकर्षित करना और लोक संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देना है। सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होने स्थानीय कलाकारो के साथ – साथ बाहर से आये कलाकारों, महोत्सव समिति के सदस्यों और सहयोगियो का आभार जताया। महोत्सव मे भाग लेने वाले कलाकारों को सीडीओ मनुज गोयल ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिताओ मे विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा, उपजिलाघिकारी सल्ट राहुल शाह, उपजिलाघिकारी भिक्यासैन अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार सतीश बर्थवाल, एस ओ सल्ट घीरेन्द्र पंत , बीडीओ रवि सैनी, उप शिक्षाघिकारी हिमाशु नौगाई , आपदाप्रबन्धन अघिकाऱी राकेश जोशी, एई नरेन्द्र कुमार , डीएम के बैयक्तिक अघिकारी हरीश उपाघ्याय , विनोद तिवाडी, अनिल गौड, अजीत नेगी, आदि उपस्थित थे।

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